Tuesday, October 4, 2022
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जानिए कौन है सुशीला देवी , जिसने भारत के लिए जूडो में जीता रजत पदक, मानती है इस दिग्गज को अपना आदर्श

भारतीय जूडोका सुशीला देवी ने कॉमनवेल्थ गेम्स में महिलाओं के 48 किलो वर्ग में सिल्वर मेडल अपने नाम किया है। सुशीला देवी को फाइनल मैच में दक्षिण अफ्रीका की मिशेला व्हीटबोई ने 4.25 मिनीट में हराया है। 4.25 मिनीट तक चले मुकाबले में व्हीटबोई ने पहले आर्म लॉक मी मदत से सुशीला को फंसा लिया और नीचे गिरा दिया।

इसके बाद कुछ देर तक सुशीला देवी मैट पर ही लॉक छुडवाने की कोशिश करती रही। मगर रेफरी ने दक्षिण अफ्रीका की व्हीटबोई को विजेता घोषित कर दिया।

सुशीला देवी कॉमनवेल्थ गेम्स में जूडो में भारत के लिए मेडल जीतने वालीं पहली भारतीय महिला है। उन्होंने वर्ष 2014 ग्लास्गो कॉमनवेल्थ गेम्स में भारत के लिए सिल्वर मेडल जीता था।

सुशीला ने सेमीफाइनल में मॉरिशस की प्रिसिल्ला मोरांद को हराकर फाइनल में जगह बनाई थी। सुशीला देवी ने सिल्वर मेडल जीतकर भारत के खाते में 7 वां मेडल डाल दिया है। इससे पहले भारत ने अभी तक कुल 6 मेडल जीते है। और यह सभी 6 मेडल वेटलिफ्टिंग में ही जीते गए है। भारत ने अब तक तीन गोल्ड मेडल, तीन सिल्वर मेडल और एक ब्रॉन्ज मेडल जीता है।

तीन गोल्ड मेडल वेटलिफ्टर मीराबाई चानू, जेरेमी लालरिनुंगा और अचिंता शेउली ने जीते है। वही संकेत सरगर, बिंद्यारानी देवी और सुशीला देवी ने सिल्वर मेडल जीते है। इसके अलावा गुरुराज पुजारी ने ब्रॉन्ज मेडल अपने नाम किया है। वही भारतीय जुडोका विजय कुमार ने पुरुषो की 60 किलोग्राम वर्ग में साइप्रस के पेट्रोस क्रिस्टोडौलाइड्स को हराकर ब्रॉंझ मेडल जिता है।

भारतीय स्टार जूडोका लिकमाबम सुशीला देवी मणिपूर की रहने वाली है। सुशीला देवी का जन्म वर्ष 1995 में हुआ था। सुशीला अपने माता-पिता के चार बच्चों में दूसरी बडी संतान है। वर्ष 2014 में कॉमनवेल्थ गेम्स में सिल्वर मेडल जीतने के बाद सुशीला एक जाना माना नाम बन गयी। वह भारत की पहली भारतीय जुडोका है। उन्होंने टोक्यो ओलंपिक में भी जगह बनाई है।

सुशीला देवी चैंपियन बॉक्सर मैरी कॉम को अपना आदर्श मानती है । कई बार उन्होंने अपने करियर में मैरी कॉम का जिक्र भी किया है ।

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