Friday, October 7, 2022
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कॉमनवेल्थ गेम्स में मेडल जीतने के लिए इस खिलाड़ी ने दिया एमएस धोनी को श्रेय

लवली चौबे कॉमनवेल्थ गेम्स में लॉन बॉल्स में भारत को पहला मेडल दिलवाने में मदत करने वाली टीम का हिस्सा है। महिला team सेमीफाइनल में न्यूजीलैंड को हराने के बाद लवली चौबे, रूपा रानी टिर्की, पिंकी और नयनमोनी सैकिया चारो को मानो भरोसा ही नही हो पा रहा है वही इसके साथ उन्होंने इतिहास रच दिया है।

38 वर्ष की लवली चौबे झारखंड पुलिस में कांस्टेबल है। जबकी रूपा रानी टिर्की भी रांची से है और खेल विभाग में कार्यरत है। पिंकी दिल्ली में डीपीएस आर के पुरम में खेल शिक्षक है जबकी नयनमोनी सैकिया असम में एक किसान परिवार से आती है और असम राज्य के वन विभाग में कार्य करती है। बता दे की भारत ने न्यूजीलैंड को हराकर गोल्ड मेडल मुकाबले में अपनी जगह बनायी है।

लावली चैबे बस अपने देश में ही नाम कमाने की इच्छा है। तिसरी बार कॉमनवेल्थ गेम्स में हिस्सा ले रही लवली ने कहा की, हमारे लिये यह ओलंपिक जितना बडा है। क्योंकि लॉन बॉल ओलंपिक का हिस्सा नही है। हम चार वर्ष पहले सिर्फ एक अंक से मेडल जितने से चूक गए थे। मगर इस बार हम पूरी तैयारी से आए थे। उम्मीद है की इस उपलब्धि से हमें पहचान मिलेगी।

आपकी जानकारी के लिए बता दे की लवली चौबे 100 मीटर की जोरदार धाविका थी। और नयनमोनी भारोत्तोलक थी। दोनों को चोट लगने के कारण लॉनबॉल में आना पडा था। लवली चौबे ने कहा की लॉन बॉल के लिये हरा मैदान और गेंद चाहिए लेकिन गेंद भारत में नहीं बनती बल्कि आस्ट्रेलिया और इंग्लैंडओ से आयात होती है। उन्होंने उम्मीद की है की उनके मेडल जितने के बाद हालात बदलेंगे।

एम एस धोनी को लेकर लवली चौबे ने कहा, रांची में अभ्यास के दौरान एम एस धोनी कभी कभी मैदान पर आते हैं और लवली का कहना है की धोनी को लॉन बॉल के बारे में काफी जानकारी है। एम एस धोनी जब रांची में स्थित देवरी माता के मंदिर जाते है तो हमारे मैदान पर भी आते है। एम एस धोनी जब भी आस्ट्रेलिया जाते हैं तो लॉन बॉल खेलते है। वही धोनी रांची में हमारे कोच को जानते है। और दो बार मैदान पर भी आये है।

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