Thursday, September 29, 2022
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एक समय थी मणिपुर की इंस्पेक्टर अब कॉमनवेल्थ गेम्स में भारत के लिए जीती सिल्वर मेडल , देखिए सुशीला देवी की शानदार कहानी..

जैसा कि हम सभी जानते हैं फिलहाल कॉमनवेल्थ गेम्स देशभर में सुर्खियां बटोर रहा है। हमारे देश की बेटी सुशीला देवी ने भी जूडो के 48 किलो वर्ग में में जीत हासिल की हैं। वे जूडो में सिल्वर मेडल जीतती हुई नज़र आई। उन्होंने बर्मिंघम में कमाल कर दिखाया। सुशीला देवी मणिपुर से ताल्लुक रहती हैं। उन्होंने प्रिस्किला मोरांद को हराया था और फाइनल में पहुंची थी। हालांकि फाइन में सुशीला देवी साउथ अफ्रीकी जूडोका से हारती हुई नज़र आई और सिल्वर मेडल अपने नाम किया। उन्होंने 8 साल बाद CWG में मेडल जीता है।


आपको बता दें सुशीला देवी 2014 में पहली बार सिल्वर मेडल जीतती हुई नज़र आई, जो ग्लास्गो में आयोजित की गई थी। वे कॉमनवेल्थ गेम्स में मेडल जीतने वाली भारत की पहली महिला जूडोका बनती हुई नज़र आई। बता दे 2018 में भी कॉमनवेल्थ गेम्स का आयोजन किया गया था, जो गोल्ड कोस्ट में खेला गया था, लेकिन इस खेल में जूडो नहीं था। इस वजह वे हिस्सा नहीं ले पाई थी। 8 साल के लंबे इंतजार के बाद फिर से कॉमनवेल्थ गेम्स का आयोजन हुआ, जिसमें सुशीला देवी सिल्वर मेडल जीतती नज़र आई।

सुशीला देवी ने अपनी जूडो की ट्रेनिंग की शुरुआत महज 8 साल की उम्र में कर दिया था। सुशीला देवी 2017 से पुलिस की नौकरी कर रही है और वे इंस्पेक्टर के पद पर कार्य कर रही है। उनके परिवार के बारे में बताया जाए तो उनके चाचा और उनके बड़े भाई जूडो खिलाड़ी रह चुके हैं। उनके बड़े भाई ने जूडो में दो बार गोल्ड मेडल जीता है।

इससे पहले उन्होंने टोक्यो ओलिंपिक में क्वालिफाई किया था। आपको बता दें सुशीला देवी 2019 में कॉमनवेल्थ जूडो चैंपियनशिप में गोल्ड मेडल हासिल करती हुई नजर आई थी। उन्होंने एशियन ओपन चैंपियनशिप 2018 और 2019 में सिल्वर मेडल जीता था।

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