Sunday, October 2, 2022
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ये 3 खिलाड़ी कैंसर को हराकर क्रिकेट के मैदान में कर चुके हैं कमाल

कैंसर को मात देकर इन खिलाडियो ने की क्रिकेट के मैदान पर जोरदार वापसी!!!

1. माइकल क्लार्क
विश्व कप विजेता ऑस्ट्रेलिया के पूर्व कप्तान माइकल क्लार्क को पहली बार वर्ष 2006 में त्वचा कैंसर का पता चला था। माइकल क्लार्क ने इंग्लैंड में एशेज श्रृंखला के बाद वर्ष 2015 में सभी प्रकार के क्रिकेट से संन्यास ले लिया था। माइकल क्लार्क ऑस्ट्रेलिया के सबसे सफल कप्तान में से एक है। माइकल क्लार्क की कप्तानी में ऑस्ट्रेलिया ने न्यूजीलैंड को हराकर साल वर्ष 2015 में आयसीसी क्रिकेट विश्व कप जीता है।

माइकल क्लार्क ने कुल 115 टेस्ट मैच और कुल 245 वनडे मैच खेले है। माइकल क्लार्क ने अपने 12 वर्ष लंबे करियर मे उन्होंने कुल 34 T20 मैच भी खेले है। माइकल क्लार्क ने अपने क्रिकेट करियर की शुरूआत वर्ष 2003 में की थी। माइकल क्लार्क ने टेस्ट मैच में 8643 रन बनाए है। वही वनडे मैच में उन्होंने 7981 रन बनाए है। कैंसर जैसी बीमारी से लडने के बाद माइकल क्लार्क की टीम में वापसी भी हुई और कप्तान भी बने।

2. युवराज सिंह
युवराज सिंह देश के लिए विश्व कप खेल रहे थे और जोरदार प्रदर्शन कर रहे थे। उस समय युवराज सिंह को देखकर कोई सोच नही सकता था की वह कैंसर से लडाई लड रहे है। भारत विश्व कप 2011 में श्रीलंका को हराकर विश्व कप विजेता बनने के कुछ ही दिनो बाद युवराज सिंह के सेहत से जुडी खबर सामने आयी थी। आपको बता दे की युवराज सिंह के फेफडे में कैंसर ट्यूमर डिटेक्ट हुआ था।

युवराज सिंह वर्ष 2011 में इस ट्यूमर के दर्द के
साथ ही विश्व कप में खेलते नजर आए थे। और उस समय युवराज सिंह ने कैंसर की बात किसी को बताई नही की थी। युवराज सिंह विश्व कप 2011 के दौरान जीत में भारतीय टीम की के सबसे बडे हीरो साबित हुए थे। कैंसर से लडकर फिर से वापसी करने के बाद युवराज सिंह ने अगले 5 वर्ष तक आंतरराष्ट्रीय क्रिकेट खेला था। इस दौरान युवी ने वर्ष 2014 में आयसीसी T20 विश्व कप और वर्ष 2017 में चैपियंस ट्रॉफी टूर्नमेंट में हिस्सा लिया था। इन दोनों टूर्नमेंट्स में भारतीय टीम फायनल तक पहुंची थी और दोनो ही बार टीम उपविजेता रही।

3. मैथ्यू वेड
ऑस्ट्रेलियाई टीम के क्रिकेटर मैथ्यू वेड उस समय ऑस्ट्रेलियाई टीम के हीरो बन गये जब उन्होंने T20 विश्व कप के सेमीफायनल मैच में पाकिस्तान के शाहीन शाह अफरीदी को लगातार 3 छक्के लगाए थे। मैथ्यू वेड को एक समय काफी कम उम्र में ही कैंसर जैसी बिमारी का सामना करना पडा था। मगर मैथ्यू वेड ने कैंसर को मात देकर फिर से क्रिकेट में वापसी की थी। मैथ्यू वेड का जीवन काफी संघर्ष से भरा रहा है।

16 वर्ष की छोटी उम्र में मैथ्यू वेड को एक फुटबॉल मैच के बाद नियमित जांच के दौरान टेस्टिकुलर कैंसर होने का पता चला था। कीमोथैरेपी के बाद कैंसर को मात देकर मैथ्यू वेड एक मजबूत इंसान के रूप में फिर से उभरे थे। और क्रिकेट और फुटबॉल के लिए मैथ्यू वेड का प्यार कई गुना बढ गया था। मैथ्यू वेड ने अबतक कुल 36 टेस्ट मैचो में 1613 रन, वनडे मैच 1867 रन और T20 में कुल 63 मैच खेलकर 828 रन बनाए है। वही मैत्यु वेड वर्ष 2011 में ऑस्ट्रेलियाई टीम में चुने गए थे।

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